UAE भारत से खरीद सकता है ब्रह्मोस मिसाइल, आकाशतीर सिस्टम पर भी बातचीत तेज; मिडिल ईस्ट तनाव के बीच बढ़ा रक्षा सहयोग

देश: भारत और UAE के बीच रक्षा सहयोग को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक UAE भारत से दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में शामिल ब्रह्मोस और आकाशतीर एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने में रुचि दिखा रहा है। दोनों देशों के बीच इसको लेकर शुरुआती स्तर की बातचीत चल रही है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चुनौतियों के बीच UAE अपनी सैन्य ताकत को और मजबूत करना चाहता है।

ब्रह्मोस मिसाइल भारत और रूस का संयुक्त प्रोजेक्ट है, जिसे दोनों देशों ने मिलकर विकसित किया है। यह मिसाइल जमीन, समुद्र, पनडुब्बी और फाइटर जेट से भी लॉन्च की जा सकती है। इसकी रफ्तार करीब मैक 2 यानी लगभग 2500 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे यह दुश्मन के ठिकानों को बेहद कम समय में निशाना बना सकती है। ब्रह्मोस के निर्यात के लिए रूस की मंजूरी जरूरी होती है, लेकिन जानकारों का मानना है कि इसमें बड़ी बाधा आने की संभावना कम है।

UAE की दिलचस्पी सिर्फ ब्रह्मोस तक सीमित नहीं है। वह भारत के आकाशतीर एयर डिफेंस सिस्टम को भी खरीदने पर विचार कर रहा है। यह सिस्टम दुश्मन के हवाई हमलों का पता लगाने, निगरानी करने और अलग-अलग रक्षा यूनिट्स के बीच तालमेल बनाने में मदद करता है। इससे किसी भी हवाई खतरे का जवाब ज्यादा तेजी और सटीक तरीके से दिया जा सकता है।

माना जा रहा है कि ईरान-इजराइल तनाव और होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को लेकर UAE अपनी रक्षा तैयारियों को मजबूत कर रहा है। भारत भी पिछले कुछ वर्षों में रक्षा निर्यात को तेजी से बढ़ा रहा है। फिलीपींस समेत कई देशों को भारतीय हथियारों की आपूर्ति की जा चुकी है और कई अन्य देशों के साथ बातचीत जारी है।

भारत का लक्ष्य 2029-30 तक रक्षा निर्यात को 50 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचाना है। ब्रह्मोस, आकाश और अन्य स्वदेशी हथियारों की बढ़ती मांग ने भारत को ग्लोबल डिफेंस मार्केट में मजबूत स्थिति दिलाई है।

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